Village Tour

11 Unique Villages of India : भारत के 11 अनोखे गांव जहां कोई रखता है सांप तो कही करवाई जाती है मेढ़क की शादी

11 Unique Villages of India  : कहते हैं कि भारत गांवों की भूमि है. भारत में 6 लाख से अधिक गांव शामिल हैं, जिनमें से हरेक गांव की एक अलग पहचान है. एक बार जब आप इन गांवों में जाते हैं तो आपको देश की असली जड़ों का पता चलता है. (11 Unique Villages of India) भारत के हर गांव की एक संस्कृति, रंग और बताने के लिए एक अलग कहानी है.

अगर कोई हर एक गांव को तलाशने और वहां के लोगों को जानने का फैसला करता है, तो इसमें कई जन्म लग सकते हैं. यहां एक तरफ लोग अपना कीमती सामान तिजोरी में रखते हैं और दूसरी तरफ एक ऐसा गांव है जहां लोगों की कीमती चीजें बिना दरवाजे के घर में सुरक्षित रखी जाती हैं. सांप जैसे जहरीले जीवों को देखकर हम तो डर जाते हैं, लेकिन एक गांव ऐसा भी है जहां सांपों को पाला जाता है.

किसी भी तहसील में इतने करोड़पति नहीं हैं लेकिन यह एक ऐसा गांव है जहां 50 फीसदी से ज्यादा लोग करोड़पति हैं. देश के कई शहरों में सीसीटीवी, वाईफाई नहीं है, लेकिन देश में एक गांव ऐसा है, जहां 24 घंटे सीसीटीवी, वाईफाई और एटीएम उपलब्ध हैं.

हम सभी जानते हैं कि अफ्रीका में अफ्रीकी लोग रहते हैं लेकिन भारत में एक गांव ऐसा भी है जहां अफ्रीकी लोग रहते हैं. तो आइए  जानते हैं 11 अनोखे गांवों के बारे में

1-शनि शिंगणापुर, महाराष्ट्र || Shani Shingnapur, Maharashtra

महाराष्ट्र के गांव शनि शिंगणापुर में घर तो हैं लेकिन दरवाजे  नहीं हैं. हर दिन 40,000 से अधिक भक्त यहां दर्शन करने आते हैं, फिर भी इस गांव में बिना दरवाजे या ताले वाले घर हैं. उनका मानना ​​​​है कि भगवान शनि उन्हें किसी भी मुसीबत से बचाएंगे और वे हर रात खुले घरों में शांति से सोते हैं.

2-शेटफल, महाराष्ट्र || Shetphal, Maharashtra

पुणे से लगभग 200 किमी दूर शोलापुर जिले में शेतपाल नाम का एक गांव है. यहां कोबरा सांपों का हर घर में परिवार के सदस्य की तरह रहते हैं और उनकी हर दिन पूजा की जाती है. 2,600 ग्रामीणों को सांपों को किसी भी तरह कोई नुकसान नहीं होता है. दरअसल कोबरा का हर घर में परिवार के सदस्य के रूप में स्वागत किया जाता है, न तो सांप और न ही निवासी एक दूसरे के डर में रहते हैं.

3-हिवरे बाजार, महाराष्ट्र || Hiware Bazar, Maharashtra

महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में बसा हिवारे बाजार करीब 30 साल पहले गरीबी और सूखे से जूझ रहा था. लेकिन 1990 के दशक में, गांव का भाग्य बदल गया जहां यह लगभग 60 करोड़पति के साथ एक धनी गांव में बदल गया, जिनमें से सभी किसान हैं. 1995 में केवल 830 प्रति माह की प्रति व्यक्ति आय के साथ, आज 30,000 से अधिक हो गई है.

4-पुंसारी, गुजरात || Punsari, Gujarat

गुजरात के साबरकांठा जिले के 6000 लोगों के इस गांव में हर घर में शौचालय, दो प्राइमरी विद्यालय, एक प्राइमरी स्वास्थ्य केंद्र, स्ट्रीट लाइट और एक जल निकासी व्यवस्था है .पूरा गांव में वाईफाई लगा हुआ है, कई जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. यह जगह गांव की तरह बुल्कुल नहीं लगता है.

5-जंबूर, गुजरात || Jambur, Gujarat

भारत के लगभग हर शहर में एक-दो अफ्रीकी मिल जाएंगे, लेकिन गुजरात राज्य में पिछले 200 साल से अफ्रीकी मूल के लोग रह रहे हैं .ये गुजरात की सिद्धी जनजाति के लोग हैं, जो गुजरात के जंबूर गांव में रहते हैं.  इस गांव का नजारा देखकर भारत में मिनी अफ्रीकी की झलक दिखाई देती है.

दक्षिण पूर्व अफ्रीका से बंटू मूल के कई हब्श यहां आए थे. इसलिए इन्हें हब्शी कहा जाता है.माना जाता है कि जूनागढ़ के नवाब द्वारा अफ्रीका के सिद्धियों को गुजरात लाया गया था. उन्होंने गुलामों के तौर पर इन लोगों को यहां के राजा-महाराजाओं के पास सौंप दिया था. बस तभी से ये लोग यहां बस गए. देखा जाए, तो पूरे भारत में आज 25000 सिद्धी मौजूद हैं. इनमें कई ऐसे लोग भी हैं, जो हिंदू धर्म को बहुत ज्यादा मानते हैं.

Places to Visit Near Kedarnath: सोनप्रयाग से लेकर गौरीकुंड तक… ये हैं केदारनाथ में घूमने की जगहें

6-कोडिन्ही, केरल ||Kodinhi, Kerala

केरल के मलप्पुरम जिले का एक सुदूर गांव कोडिन्ही रिसर्च करने वालों के लिए एक रहस्य है. देश के  इस गांव में सबसे ज्यादा जुड़वां बच्चे हैं. अनुमान के मुताबिक 2000 परिवारों की आबादी वाले गांव में कम से कम 400 जोड़े जुड़वां बच्चे हैं. जहां जुड़वा बच्चों का राष्ट्रीय औसत 1000 जन्मों में 9 से अधिक नहीं है, वहीं कोडिन्ही में यह संख्या 1000 जन्मों में 45 से अधिक है.

बरवां कला, बिहार || Barwaan Kala, Bihar

लोग  इसे कुंवारे लोगों का गांव इसलिए कहते हैं क्योंकि 50 साल से ज्यादा समय से यहां किसी ने शादी नहीं की है और वजह चौंकाने वाली है! बुनियादी सुविधाओं और सुविधाओं की कमी है कि कोई अपनी बेटी को इस गांव में नहीं भेजता.

मावलिननॉन्ग, मेघालय || Mawlynnong, Meghalaya

मेघालय में स्थित मावलिननॉन्ग को भगवान का अपना बगीचा कहा जाता है और इसका एक कारण है. इसे 2003 में डिस्कवर इंडिया द्वारा एशिया के सबसे स्वच्छ गांव का खिताब दिया गया था.ये गांव कई सालों से स्वच्छता के लिए प्रसिद्ध है. इस गांव के सभी लोग शिक्षित हैं. ये एक आदर्श गांव है. यहां के लोगों पेड़ों के लिए खाद बनाने के लिए कचरे को एक गड्ढे में डालकर रखते हैं.

ये गांव महिला इमपावरमेंट की मिसाल भी पेश करता है. यहां पर बच्चों को मां का सरनेम मिलता है और पैतृक संपत्ति मां द्वारा घर की सबसे छोटी बेटी को दी जाती है.

Five Best Park in Delhi: दिल्ली के इन 5 पार्क की दुनिया है दीवानी, क्या है आपको पता?

रोंगडोई, असम || Rongdoi, Assam

इस गांव के लोग मेंढक शादियों का आयोजन करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि  भगवान इंद्र देवता को खुश करने का यही तरीका है. मेढ़क की शादी को देखने के लिए सैकड़ों गांव के लोग, युवा और बूढ़े, लड़के और लड़कियां देर रात तक रोंगडोई गांव में इकट्ठा होते हैं. एक मिथक के अनुसार, अगर जंगली मेंढकों को लोगों द्वारा पकड़ा जाता है, तो उनका विवाह मनुष्य की तरह वैदिक और पारंपरिक विवाह रीति-रिवाजों से किया जाता है, यह आने वाले दिनों में बारिश लाने में मदद कर सकता है.

कोरलाई गांव, रायगढ़, महाराष्ट्र ||Korlai Village, Raigad, Maharashtra

महाराष्ट्र में एक ऐसा गांव है जहां हर कोई पुर्तगाली बोलता है. अपको विश्वास नहीं हुआ न पर यही सच है! आपका स्वागत पुर्तगाली में किया जाएगा, यहां तक ​​कि नाम भी पुर्तगाली हैं और लोग पुर्तगाली खाना भी खाते हैं।. इस टाउनशिप का निर्माण पुर्तगाली लोगों ने किया था लेकिन अब वर्षों से सैकड़ों लोगों ने इस विरासत को जीवित रखने की कोशिश की है.`

नाको गांव लाहौल स्पीति || Nako, Lahaul Spiti

झील के किनारे बसे नाको  गांव आपनी सुंदरता के लिए लिए जाता जाता है. भारत-चीन बोर्डर पर स्थित, यह वास्तव में देश के सबसे खूबसूरत गांवों में से एक है जो बर्फ से ढके पहाड़ों और हरी-भरी घाटियों की से भरा हुआ है. सर्दियों के दौरान, गांव बर्फ की चादर में लिपट जाता है.

Recent Posts

Rangbhari Ekadashi 2025: जानें, रंगभरी एकादशी का महत्व और वाराणसी में होली मनाने की रस्में

Rangbhari Ekadashi 2025: हर साल फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रंगभरी… Read More

2 hours ago

Char Dham Yatra 2025 : कब से शुरू होगी चारधाम यात्रा, क्या होंगे VIP नियम?

Char Dham Yatra 2025 : उत्तराखंड की चार धाम यात्रा 30 अप्रैल, 2025 को गंगोत्री… Read More

1 week ago

Concentration बढ़ाना चाहते हैं? सुबह उठकर करें ये 5 एक्सरसाइज, तनाव और चिंता होगी दूर

आज की भागदौड़ भरी दुनिया में एकाग्रता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गई है.… Read More

2 weeks ago

Spring Season 2025 : वसंत ऋतु में भारत की ये 5 जगहें जरूर घूमें

Spring Season 2025 : वसंत ऋतु सबसे सुखद मौसमों में से एक है, जिसमें फूल… Read More

2 weeks ago

Dharamshala Travel Blog Day 1 : धर्मशाला में कैसा रहा हमारी यात्रा का पहला दिन, जानें पूरा ट्रैवल ब्लॉग

Dharamshala travel Blog Day 1 धर्मशाला उत्तर भारत का एक शहर है. यह हिमाचल प्रदेश… Read More

2 weeks ago

Vietnam Travel Blog : क्या आप जल्द ही वियतनाम जाने की योजना बना रहे हैं? तो जानिए कैसे कम खर्च में यात्रा करें

Vietnam Travel Blog : वियतनाम एक खूबसूरत देश है जो अपनी समृद्ध संस्कृति, शानदार लैंडस्केप… Read More

3 weeks ago