Romania Travel: इंडियन रेस्टोरेंट में भूख मिटी पर नहीं मिला दिल्ली वाला स्वाद
घूमने का शौक किसे नहीं होता. मुझे भी है. बहुत ज्यादा है. पहाड़ी बंदा हूं इसलिए यूं ही कई बार अकेले पहाड़ों से दोस्ती करने निकल पड़ता हूं. मेरी इन्हीं ख्वाहिशों को नया आसमान तब मिला जब मुझे एक ऑफिशियल टूर पर रोमानिया (Romania) जाने का मौका मिला. रोमानिया (Romania) एक दक्षिण पूर्वी यूरोपीय देश है. इस देश का नाम सुनते ही मेरा मन जिज्ञासा से भर उठा था. मेरे साथ मेरे मैनेजर भी थे. हम दोनों को कुल एक हफ्ते रोमानिया (Romania) में रहना था. रोमानिया एक ऐसा देश है जिसका इतिहास बेहद विस्तृत है और यह आर्ट्स और सीनिक ब्यूटी में भी रिच है. ऑथेंटिक, नेचरल और कल्चरल ये 3 शब्द रोमानिया (Romania) के लिए एकदम परफेक्ट हैं.

रोमानिया (Romania) मेरा पहला विदेशी दौरा था. इससे पहले मैंने विदेशी यानी यूरोपीय देशों को सिर्फ या ज्यादातर बॉलीवुड फिल्मों में ही देखा था. रोमानिया (Romania) में ऐसे ऐसे ट्रैवल एक्सपीरियंस हैं जिन्हें अब भी एक्सप्लोर नहीं किया जा सका है. यहां पर नाइट लाइफ आपको एक अलग ही दुनिया में लेकर जाती है. देर रात शुरू होने वाला ये जीवन सुबह तड़के तक चलता है. ये भारतीय लाइफ से एकदम उलट है जहां हम दिन ढलते ही अपने घरों को लौट जाते हैं और खाकर सो जाते हैं.

हमारी दुनिया सुबह नए सिरे से शुरू होती है लेकिन यहां जब मन किया कपड़े पहनिए, घर से बाहर निकल जाइए. आपकी दुनिया शुरू हो जाएगी. हां, आपकी जेब में पैसे होने चाहिए.

रोमानिया (Romania) का कंट्रीसाइड ही इसका हार्ट और सोल है. यहां संस्कृति के भेष में लिपटा रोमानिया (Romania) आपको अलग रूप में दिखाई देगा. मध्यकालीन इतिहास की ऐसी झलक आपको पूरे यूरोप में कहीं नहीं मिलेगी. रोमानिया (Romania) दुनिया का तीसरा सबसे बायोलॉजिकली डाइवर्स एरिया है. इसके Danube Delta को अपने यूनिवर्सल वेल्यू के लिए यूनिस्को ने रिकॉग्नाइज किया है. रोमानिया (Romania) का आर्किटेक्चर, म्यूजिक, क्राफ्ट और ट्रेडिशन आपको बोलता जान पड़ेगा. रोमानिया (Romania) की पहाड़ी श्रृंखलाएं बाइकर्स और ट्रैकर्स को अलग रोमांच में लेकर जाती हैं.

रोमानिया (Romania) के मेन अट्रैक्शंस में Black Sea Resorts, Castles & Fortresses, Danube Delta, Medieval Towns, The Carpathian Mountains, The Painted Monasteries, Medical Spas, Traditional Villages, World Heritage Sites हैं. वहीं, यहां के स्पेशल इंटरेस्ट्स में Arts and Crafts, Architecture, Authentic Experiences, Active Vacations, Danube River Cruises, Dracula Legend, Festivals & Events, Food & Wine, Genealogy Searches, Jewish Heritage, Meetings & Incentive, Saxon Heritage, Traditions & Folklore हैं.

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मैंने रोमानिया (Romania) में ऐसी दुनिया देखी जिसे मैं अब तक नहीं देख सका था. रोमानिया (Romania) में नाइट लाइफ का मतलब सिर्फ देर रात बाहर घूमना फिरना ही नहीं है बल्कि ऐसे स्ट्रिप डांसिंग क्लब भी इसका हिस्सा हैं जो रह रह आपके मन में गोते लगाता है. इन स्ट्रिप डांसिंग क्लब में थोड़े बहुत पैसों में आप सर्विस हासिल कर सकते हैं. हालांकि मैं यहां नहीं गया लेकिन मुझे बताया गया कि यहां ड्रिंक्स भी अनलिमिटेड होते हैं. रोमानिया (Romania) में पहनावा पूरी तरह वेस्टर्न ही है. लड़कियां और लड़के कुछ भी पहनकर निकल पड़ते हैं, जो उनका दिल कहता है. लड़कियों और उनके शॉर्ट ड्रेस को देखकर यहां लोग आश्चर्य में नहीं पड़ते हैं और न ही आंखें गाड़ गाड़कर उन्हें देखते हैं. रोमानिया (Romania) में तो मुझे लड़कों से ज्यादा लड़कियां ही दिखाई दीं. ऐसा साफ लग रहा था लड़कियों का रेशियो यहां लड़कों से ज्यादा है. आंकड़े भी ऐसा ही बोलते हैं.

मैंने मेट्रो में, सड़कों में रेस्टोरेंट्स में, पार्क में हर जगह लड़कियों की संख्या ही अधिक देखी. जब विकीपीडिया चेक किया तो पाया कि लड़कियां यानी महिलाएं यहां लगभग 52 फीसदी हैं. रोमानिया की अपनी यात्रा में मुझे सबसे ज्यादा परेशानी खाने की वजह से रही. यहां होटल में सुबह का ब्रेकफास्ट भी नॉन वेज से होता है और डिनर भी. नॉन वेज भी अपने जैसा नहीं कि चिकन को भून के अच्छे से खाया जाए. बल्कि इसमें प्रॉन, स्नेल, क्रैब, ऑक्टोपस, पॉर्क की संख्या अधिक होती है और आपको ये जानकर आश्चर्य जरूर होगा कि ब्रेकफास्ट में लोग इनके कच्चे मांस ही ज्यादातर खाते हैं. मैं तो इसे देखकर ही हैरत में पड़ गया था. ऐसा नहीं है कि मैं नॉन वेज नहीं खाता हूं. पहाड़ी राज्यों में तो लोग नॉन वेज ही नहीं बल्कि ऐसी कई डिशेज खाते हैं जो भारत के मैदानी इलाकों के लोग या तो खाते नहीं है, या खा नहीं बाते हैं. मैंने अधिकतर डिशेज खाई हैं लेकिन कोई कच्चा मांस खिलाए तो ना बाबा ना.

टूर के आखिरी दिनों में मुझे इंडियन फूड की तलाश थी. मैं भारतीय खाने के लिए पागल हुआ जा रहा था. मन तो कर रहा था कि कोई गरमा गरम आलू पूड़ी दे दे और चाहे तो 5 गुना कीमत ले ले लेकिन यहां तो चाइनीज, इटैलियन, थाई इन्हीं सबके दर्शन हो रहे थे. आखिरकर हमें एक इंडियन रेस्टोरेंट मिल ही गया. इस रेस्टोरेंट का नाम करिश्मा था. इस रेस्टोरेंट को देखते ही हम भागकर इसमें गए. अंदर हमने दाल मखनी और शाही पनीर के ऑर्डर दिए. रेस्टोरेंट के मालिक वहीं के लोकल थे लेकिन उन्होंने शेफ भारतीय रखे थे. हम भूख से छटपटा रहे थे. ऑर्डर देने के कुछ ही मिनटों में हमारा खाना टेबल पर सज चुका था. मैंने तेजी से खाना शुरू किया. पहला निवाला मुंह में जाते ही एहसास हुआ कि मैं कुछ यूरोपीय ही खा रहा हूं जो थोड़ा बहुत भारतीय फ्लेवर में है. खानों में भारतीय रंग न के बराबर था. मसाले भी कुछ अलग से लग रहे थे.

फिर भी, रोमानिया (Romania) में इतनी मुश्किल से भारतीय रेस्टोरेंट मिला था तो हम इस पल को बुरा एक्सपीरियंस नहीं बनाना चाहते थे. हमने अपना खाना अच्छे से फिनिश किया. हां, आपको मैं ये संदेश जरूर देना चाहूंगा कि विदेशी यात्रा में आप अच्छा खाएं और भारतीय रेस्टोरेंट की तलाश जब पूरी हो जाए तब भी अच्छे से खाने की गुणवत्ता को जरूर जांच लें.
News Reporter

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