ट्रैवलिंग (Travelling) के हैं कई फ़ायदे, यह पढ़िये और निकल चलिए यात्रा पर

How to Travel | Travel Tips | Solo Travel | Travel Destination | Best Travel Spots | Life Travel ज़िन्दगी एक प्रक्रिया है जो निरंतर चलती रहती है। इस प्रक्रिया में हम अक्सर नए लोगों से मिलते रहते हैं, नई जगह और नई चीज़े तलाशते रहते हैं। होना भी यही चाहिए क्योंकि इन सब से ही तो हमें कुछ नया जानने और सीखने को मिलता है। इसी सीखने की श्रृंखला में यात्रा करना भी जुड़ जाता है। ट्रैवलिंग (Travelling) करना एक ऐसी प्रक्रिया है जो आपको तारो ताज़ा कर देती है। छुट्टियां होते ही हमें लालसा होने लगती है कि क्यों न कुछ दिन कही बाहर बिताए जाएं। अपनी रोज़ की दिनचर्या से हम लोग इतने ऊब चुके होते हैं कि उन सब से छुट्टी लेकर कुछ पल इत्मिनान के चाहते हैं। ट्रैवलिंग इसके लिए एक अच्छा सॉल्यूशन है।

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ट्रेवलिंग को एक अच्छा स्ट्रैस बस्टर माना जाता है। कई डॉक्टर्स भी इस बात से सहमती रखते हैं। आपने अक्सर ऐसा देखा होगा कि एक इंसान जो अपने आप को बीमार समझता है अगर उसे कही बाहर घुमाने ले जाया जाए तो वो अपनी बीमारी से उभरने लगता है। बल्कि कई डॉक्टर्स भी बीमार इंसान को घूमने की सलाह देतें हैं। भ्रमण यानी ट्रेवलिंग हमको पुरानी दिनचर्या से बाहर निकालता है और हमें कुछ नया एक्सपीरियंस करने को मिलता है। ट्रैवलिंग करने के कई हेल्थ बेनिफिट्स हैं। कई रिसर्च के द्वारा यह साबित हो चुका है कि ट्रेवलिंग हमारी हेल्थ के लिए अच्छी है। ट्रेवलिंग से आपके नियमित जीवन को सुधारने में मदद मिलती है साथ ही आपकी ओवर ऑल हेल्थ में भी सुधार होता है। हमारे जीवन में हम काम में इतने उलझे रहते हैं कि अपने लिए वक़्त ही नही निकाल पाते और फिर काम के बोझ से तनाव में आ जाते हैं। अपने आसपास के तनाव को आप ट्रेवलिंग के ज़रिए दूर कर सकते हैं। जब आप ट्रेवल करते हैं तो आप एक नए वातावरण में दाखिल होते हैं, ये नया वातावरण आप में नई ऊर्जा भर देता है। आप एक तरीके से रीचार्ज हो जाते हैं। मेडिकल साइंस के अनुसार साइकोसोमैटिक डिसऑर्डर यानी मनोदैहिक समस्या में भी ट्रैवलिंग काफी उपयोगी साबित होती है। असल में कुछ डॉक्टरों और सायकोलॉजिस्ट का मानना है कि आधी बीमारी मनुष्य के दिमाग में होती है और जब वो एक वातावरण से दूसरे वातावरण में जाता है, नए अनुभव करता है, नई जगह देखता है तो उसकी हालत में अपने आप सुधार आने लगता है। तनाव भारी ज़िन्दगी से जब आप कुछ दूरी बना कर किसी नए स्थान के लिए ट्रेवल करते हैं तो तनाव अपने आप कम होने लगता है।

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किसी ने कहा है कि प्रकृति में खो कर आप खुद को पा सकते हैं। यात्रा करते हुए आप अपने बारे में बहुत कुछ जान सकते हैं। जब आप अपने घर अपने शहर से दूर होंगे तो आप एहसास कर पाएंगे कि आपको घर से दूर रहकर कैसा लगता है। अपने शहर के बारे में कैसा लगता है। आपको यह भी एहसास होगा कि आपको दुनिया के बारे में कितना पता है। इसके बाद आप दुनिया और लोगों को एक अलग नज़रिये से देखेंगे। यह दुनिया एक किताब की तरह है जिसे बिना यात्रायें किये पूरा पड़ना मुश्किल है। जब आप नई जगह जाते हैं तब नए लोगों से मिलते हैं, वहां के कल्चर और रीति रिवाजों को देखते हैं। इससे आपको अपने कल्चर की भी खूबी पता चलती है। आप संस्कृतियों के बीच के अंतर को देखते है और समझते हैं।

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ट्रेवलिंग के दौरान आप ज़्यादा सहनशील हो जाते हैं। यात्रा करते हुए आप ऐसे लोगों से मिलते हैं जो आपसे काफी अलग होते हैं। आप उनके व्यवहार को अपनाना सीखते हैं। साथ ही आप लोगों और अपने बीच के अंतर को भी सराहना सीखते हैं। जब आप ट्रैवलिंग करते हैं तो आपको कुछ अच्छे और बुरे अनुभव भी होते हैं। इन्ही अनुभवों से आप कुछ नया सीख पाते हैं। आपको कुछ ऐसे अनुभव होते हैं जो आपने पहले कभी न किये हों। चाहे वो नए पकवान चखना या सीखना हो, कोई एडवेंचर एक्सपीरिएंस हो, किसी समस्या का सामना करना हो या नई जगह से जुड़े मौसम का आनुभव हो। यह सब चीज़े आपको एक अलग इंसान बना देती हैं।

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ट्रैवलिंग के द्वारा हमारा आत्मविश्वास और मनोबल भी बढ़ता है। नई जगह अनजान लोगों के बीच अपने घर से दूर जब आप घूमने जाते हैं तो नये माहौल में नए लोगों के साथ डील करना सीखते हैं। आपको एहसास होगा कि हिचकिचाहट को छोड़ आप कॉन्फिडेंस के साथ सब से बात चीत कर रहे हैं और बिना किसी डर के यात्रा का आनंद ले रहे हैं।

दुनियां में हर जगह की अपनी संस्कृति, अपनी भाषा और अपनी बोली है। ट्रैवलिंग के दौरान हम नई भाषा से जुड़ते हैं और थोड़ा बहुत उसका ज्ञान भी ले लेते हैं। इसका भी अपना अलग मज़ा है। ट्रैवलिंग के दौरान जब आपका आत्मविश्वास बढ़ता है तो उसी के साथ आपका प्रोत्साहन भी बढ़ता है। आप फिर से कुछ नया कुछ अलग करना चाहते हैं। आपमें एक नई स्फूर्ति एक नई ऊर्जा भर जाती है।

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वहीं अगर आप रोमांचक यात्रा पर जाते हैं तो वहीं जो एहसास होता है वह आप ज़िन्दगी भर याद रखते हैं। आप में बहुत से बदलाव भी आ जाते हैं। आप लाइफ को एन्जॉय करना सीखते हैं। आप ज़्यादा कॉंफिडेंट हो जाते हैं। ज़िन्दगी में हर चीज़ की एहमियत जानने लगते हैं।
जब आप अपने हमसफ़र के साथ यात्रा करते हैं उनके साथ कुछ अच्छे पल बिताते हैं तो एक दूसरे को और करीब से समझ पाते हैं।

हमारी हर यात्रा हमारे लिए एक यादगार सफ़र बनती है। जब हम नई जगह जाते हैं तो वहां की खूबसूरती, वहां के नज़ारे, वहां के अनुभव हमें हमेशा याद रहते हैं। वहां अपनो के साथ बिताए खुशी और फुरसत के पल हमेशा ज़ेहन में रहते हैं। यात्रा के दौरान हम कुछ ऐसी यादें जोड़ लेते हैं जिनको हम ज़िन्दगी भर याद रखते हैं।

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ट्रैवलिंग देखा जाए तो आम बोरियत भारी ज़िन्दगी से बाहर निकलने का एक तरीका है। जीवन की नीरसता को दूर करने, नए दोस्त बनाने अपने साथी को जानने और खुद को पहचानने का एक ज़रिया है। हर किसी को अपने रूटीन से बाहर निकल कर यात्रा ज़रूर करनी चाहिए। छोटी हो या बड़ी, दूर की हो या पास की, ट्रैवलिंग के कुछ न कुछ फ़ायदे तो ज़रूर हैं। तो क्यों न एक ट्रिप प्लैन कर ली जाए! ज़िन्दगी छोटी सी है तो इसका भरपूर मज़ा उठाइये और यात्रा करते रहिए।

News Reporter

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