Amarnath Yatra: अमरनाथ यात्रा का मेडिकल सर्टिफिकेट कैसे बनवाएं
Amarnath Yatra ka Medical Certificate Kaise Banaye : दक्षिण कश्मीर में हर साल होने वाली अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इस साल ये यात्रा 29 जून से शुरू होने जा रही है और 19 अगस्त को समाप्त होगी. 52 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के लिए श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की घोषणा के अनुसार रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल 2024 से शुरू हो चुका है. वार्षिक तीर्थयात्रा दो रास्तों से होती है.अनंतनाग जिले से 48 किलोमीटर लंबा नुनवान-पहलगाम मार्ग (Amarnath Yatra Pahalgam Route) और गांदरबल जिले में 14 किलोमीटर छोटा लेकिन फास्ट रास्ता बालटाल (Amarnath Yatra Baltal Route) है. इस गुफा के चारो तरफ बर्फीली पहाड़ियां देखने को मिलती है. यह गुफा पूरे साल बर्फ से ढकी रहती है. साल में एक बार गुफा को श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है. इतिहास की बात करें तो 15वीं शताब्दी में एक मुस्लिम चरवाहे बूटा मलिक ने अमरनाथ गुफा की खोज की थी. बूटा मलिक को एक साधु ने कोयले का एक थैला दिया था, जो साधु के भेष में भगवान शिव थे. राजतरंगिणी किताब में इसे अमरनाथ या अमरेश्वर का नाम दिया गया है. आज के आर्टिकल में हम आपको बताएंगे अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें (Amarnath Yatra ke liye Registration Kaise Karen), इसका इतिहास क्या है (Amarnath Yatra ka Itihaas kya hai), कैसे पहुंचे (Amarnath Gufa Kaise jaate hain) और यात्रा के दौरान क्या-क्या सावधानी बरतनी चाहिए…
अमरनाथ यात्रा का इतिहास || History of Amarnath Yatra
इस दिव्य गुफा का नाम दो खंडों से बना है यानी अमर जिसका अर्थ है अमर और नाथ जिसका अर्थ है भगवान. नाम से ही पता चलता है कि यह वह अमर स्थान है जहां भगवान शिव ने अपनी पत्नी देवी पार्वती को जीवन और मृत्यु का रहस्य बताया था. अमरेश्वर या अमरनाथ के धार्मिक महत्व का उल्लेख राजतरंगिणी से किया जा सकता है. ऐसी मान्यता है कि 11वीं शताब्दी में रानी सूर्यमती ने इस मंदिर को त्रिशूल, विभिन्न पवित्र प्रतीक और बाणलिंग भेंट किये थे.राजवलीपताका में इस पवित्र गुफा के ऐतिहासिक वृत्तांतों के बारे में बहुत विस्तृत जानकारी है, जिसे आर्यभट्ट ने शुरू किया था. ऐसे कई अन्य धार्मिक ग्रंथ हैं जहां धार्मिक महत्व का उल्लेख किया गया है.
हिंदू मान्यता के अनुसार इस दिव्य गुफा की खोज बूटा मलिक ने की थी जो एक चरवाहा था, कहानी इस प्रकार है कि एक बार चरवाहे की मुलाकात यहां एक संत से हुई और उस संत ने उसे कोयले से भरा एक थैला भेजा. जब वह घर पहुंचा और थैला खोला तो वह आश्चर्यचकित रह गया क्योंकि कोयले का थैला सोने के सिक्कों से भरे थैले में बदल चुका था. वह उस संत को धन्यवाद देना चाहता था और उसी स्थान पर गया जहां उसकी मुलाकात चरवाहे से हुई थी लेकिन वह उसे नहीं मिला और उस स्थान पर एक मंदिर स्थापित था. तभी से इस स्थान का नाम अमरनाथ तीर्थ पड़ गया.
अमरनाथ यात्रा का महत्व || Importance of Amarnath Yatra || Amarnath Yatra ka Mahatav
हर साल इस गुफा में बर्फ का शिवलिंग प्राकृतिक रूप से बनता है. बर्फ का शिवलिंग, गुफा की छत में एक दरार से पानी की बूंदों के टपकने से बनता है. ज्यादा ठंड की वजह से पानी जम जाता है और बर्फ के शिवलिंग का आकार ले लेता है. यह दुनिया का एकमात्र शिवलिंग है जो चंद्रमा की रोशनी के आधार पर बढ़ता और घटता है. हर साल यहां श्रावण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को शिवलिंग पूरा होता है और उसके बाद आने वाली अमावस्या तक आकार में काफी घट जाता है.
अमरनाथ में भगवान शिव के अद्भुत हिमलिंग दर्शन के साथ ही माता सती का शक्तिपीठ होना एक दुर्लभ संयोग है. 51 शक्तिपीठों में से महामाया शक्तिपीठ इसी गुफा में स्थित है.धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां देवी सती का कंठ गिरा था.
अमरनाथ यात्रा की आधिकारिक वेबसाइट क्या है || What is the official website of Amarnath Yatra
अमरनाथ यात्रा की आधिकारिक वेबसाइट है – श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड
अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें || How to register for Amarnath Yatra || Amarnath Yatra ke liye Register Kaise Karen
अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन Shri Amarnath Ji Shrine Board की आधिकारिक वेबसाइट से होता है. वेबसाइट का https://jksasb.nic.in/ है. वेबसाइट पर जाकर आपको टॉप नेविगेशन में Online Services पर क्लिक करना होता है. इसके बाद एक पेज खुलता है. यहां आपको Yatra Permit Registration का टैब मिलता है. आप इसपर क्लिक करके खुद को रजिस्टर करा सकते हैं.
अमरनाथ यात्रा रजिस्ट्रेशन || Amarnath Yatra Registration
श्री अमरनाथ जी तीर्थस्थल के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए स्टेप बाई स्टेप देखें.
स्टेप 1: रजिस्ट्रेशन के लिए आधिकारिक वेबसाइट jksasb.nic.in पर जाएं.
स्टेप 2: टॉप नेविगेशन पर मौजूद Online Services पर क्लिक करें
स्टेप 3: Yatra Permit Registration पर क्लिक करें
स्टेप 4: I Agree पर क्लिक करके रजिस्टर की प्रक्रिया आगे बढ़ाएं. दिशानिर्देशों को अच्छी तरह से पढ़ें.
इसके बाद एक पेज खुलेगा. यहां आपको दो हिस्से दिखेंगे. एक Yatra Details और दूसरा Medical Details. Medical Details में आप उन अस्पतालों की लिस्ट भी देख पाएंगे, जहां जाकर आप मेडिकल टेस्ट करा सकते हैं.
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अमरनाथ यात्रा के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट कैसे बनवाएं || Amarnath Yatra ke liye Medical Certificate Kaise Banwayen
अमरनाथ यात्रा के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट सरकारी अस्पताल से ही बनता है. इसके लिए कुछ अस्पताल तय किए गए हैं और इन अस्पतालों में अमरनाथ यात्रा के लिए विशेष काउंटर खोले गए हैं.
आप इन अस्पतालों की लिस्ट Shri Amarnath Ji Shrine Board की वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं. अस्पतालों में जाकर आपको निर्धारित काउंटर्स पर एक ऐप्लिकेशन, मेडिकल फॉर्म और अपना आधार कार्ड जमा करना होगा.
ऐप्लिकेश आप मेडिकल सुपरिटेंडेंट के नाम लिखें. इसमें मेडिकल सर्टिफिकेट उपलब्ध करवाने की बात लिखनी होगी.
इसके बाद आपको एक दिन मेडिकल टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा. मेडिकल टेस्ट के बाद आपको रिपोर्ट दी जाएगी.
अमरनाथ यात्रा करने का सबसे अच्छा समय || Best time to visit Amarnath || Amarnath Yatra ka Sahi Samay kya hai
अमरनाथ यात्रा करने का सबसे अच्छा समय जुलाई और अगस्त के महीनों के दौरान होता है. इस दौरान तीर्थयात्रा मार्ग खुला होता है और मौसम अच्छा होता है.
अमरनाथ यात्रा के लिए आयु सीमा || Age limit for Amarnath Yatra || Amarnath Yatra ki Age Limit
13 वर्ष से कम उम्र या 75 वर्ष से अधिक उम्र के किसी भी व्यक्ति या छह सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिला को यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन की अनुमति नहीं है.
अमरनाथ यात्रा कब शुरू होगी || When will Amarnath Yatra start
अमरनाथ यात्रा 29 जून 2024 को शुरू होगी और 19 अगस्त 2024 को समाप्त होगी.
दुनिया भर से लोग अमरनाथ यात्रा में भाग लेते हैं और वे हर साल गर्मियों के महीनों में कठिन पहाड़ों से होते हुए दक्षिण कश्मीर में श्री अमरनाथजी तीर्थ तक पैदल यात्रा करते हैं.
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए श्री अमरनाथजी यात्रा ऐप डाउनलोड करें.
भक्त यहां दिए गए लिंक के माध्यम से 2024 अमरनाथ यात्रा परमिट आवेदन पत्र को पीडीएफ फॉर्मेट में डाउनलोड करके अमरनाथ तीर्थयात्रा पर जा सकते हैं – https://jksasb.nic.in/onlineservices/index.html
अमरनाथ यात्रा के लिए रास्ता और गाइडलाइन || Route and guidelines for Amarnath Yatra
इस साल की अमरनाथ यात्रा तीर्थयात्री दो रास्ते में से एक रास्ता चुन सकते हैं. वह अनंतनाग जिले में 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम रास्ता या गांदरबल जिले में 14 किलोमीटर लंबे छोटे लेकिन तीव्र बालटाल मार्ग का ऑप्शन चुन सकते हैं.
अपने राज्य के किसी अधिकृत अस्पताल/डॉक्टर से चिकित्सा प्रमाणपत्र प्राप्त करें.
सुनिश्चित करें कि आपकी फोटो .JPEG या .JPG फॉर्मेट में है और इसका साइज 1MB से अधिक नहीं हो.
रजिस्ट्रेशन के दौरान मेडिकल प्रमाणपत्र .पीडीएफ फॉर्मेट में अपलोड किया जाना चाहिए, जिसका साइज सीमा 1 एमबी है.
तीर्थयात्रियों की आयु 13 से 17 वर्ष के बीच होनी चाहिए. कम उम्र या अधिक उम्र के व्यक्तियों को तीर्थयात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
6 सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिलाओं को तीर्थयात्रा करने की अनुमति नहीं है.
रजिस्ट्रेशन आवश्यकताओं का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए यात्रा करते समय मूल फोटो आईडी और मेडिकल प्रमाणपत्र साथ रखें.
वार्षिक अमरनाथ यात्रा पवित्र अमरनाथ गुफा में आशीर्वाद लेने वाले लाखों भक्त हर साल आते हैं. यात्रा कार्यक्रम की घोषणा होने के बाद तीर्थयात्रा की तैयारी शुरू कर देती है, जिससे भक्त अपने अनुसार अपनी यात्रा की योजना बना सकते हैं.
अमरनाथ गुफा कैसे पहुंचें || How to reach Amarnath Yatra
कश्मीर में भगवान शिव के निवास स्थान अमरनाथ की यात्रा बेहतर सड़क, हवाई अड्डों और रेलवे की मदद से आसान हो गई है. यहां बताया गया है कि आप अपनी पसंदीदा यात्रा विधि के अनुसार तीर्थयात्रा तक कैसे पहुंच सकते हैं.
सड़क के रास्ते अमरनाथ कैसे पहुंचे || How to reach Amarnath Yatra By Road
अमरनाथ के पास अच्छी तरह से जुड़ी हुई सड़कें नहीं हैं, इसलिए, आपको जम्मू के लिए बस लेनी होगी, फिर पहलगाम या बालटाल तक पहुंचने के लिए श्रीनगर के लिए बस या कैब लेनी होगी, जहां से आपको 2-3 दिनों के लिए ट्रेक करना होगा.
ट्रेन से अमरनाथ कैसे पहुंचे || How to reach Amarnath Yatra By Train
जम्मू रेलवे स्टेशन अमरनाथ से 178 किमी दूर है, ये अमरनाथ का सबसे नजदीकी स्टेशन है. वहां से आपको पहलगाम या बालटाल पहुंचने के लिए कैब लेनी होगी।
हवाई जहाज से अमरनाथ कैसे पहुंचे || How to reach Amarnath Yatra By Train
लगभग 352 किमी की दूरी पर, श्रीनगर हवाई अड्डा अमरनाथ से सबसे नजदीक है. वहां से आपको अपना ट्रेक शुरू करने के लिए पहलगाम या बालटाल पहुंचने के लिए कैब या बस लेनी होगी.
अमरनाथ ट्रैक दूरी || Amarnath trek distance
अमरनाथ गुफा तक ट्रैकिंग की दूरी चुने गए मार्ग के आधार पर भिन्न-भिन्न होती है:
बालटाल मार्ग: लगभग 14 किलोमीटर
पहलगाम रूट: 36 से 48 किलोमीटर के बीच
ट्रेक में आमतौर पर एक तरफ से 3 से 5 दिन लगते हैं, जिससे तीर्थयात्रियों को रास्ते में आध्यात्मिक प्रथाओं और अनुष्ठानों के लिए पर्याप्त समय मिलता है।
अमरनाथ यात्रा परिवहन || Amarnath Yatra transportation
जबकि ट्रैकिंग अमरनाथ यात्रा के लिए परिवहन का पारंपरिक तरीका बनी हुई है, हेलीकॉप्टर सेवाएं तेज और अधिक सुविधाजनक यात्रा चाहने वाले तीर्थयात्रियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो गई हैं. इसके अतिरिक्त, राज्य परिवहन बसें और निजी ऑपरेटर जम्मू से बालटाल और पहलगाम तक बस सेवाएं प्रदान करते हैं, जिससे तीर्थयात्रा मार्गों तक पहुंच आसान हो जाती है.
अमरनाथ यात्रा पर क्या करें और क्या न करें || Do’s and Don’ts on Amarnath Yatra:
श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के अनुसार, यात्रा के लिए क्या करें और क्या न करें निम्नलिखित हैं
यात्री क्या करें || What should passengers do?
प्रत्येक रजिस्टर्ड यात्री के लिए यात्रा शुरू करने से पहले जम्मू/कश्मीर डिवीजन में खास जगहों से अपना आरएफआईडी कार्ड प्राप्त करना मेंडेटरी है.
RFID कार्ड एकत्र करने के लिए अपना आधार विवरण ले जाएं
सुरक्षा और संरक्षा के लिए यात्रा के दौरान हर समय अपना आरएफआईडी टैग अपनी गर्दन पर पहनें.
पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े अपने साथ रखें क्योंकि कभी-कभी तापमान अचानक 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर सकता है.
छाता, विंड चीटर, रेनकोट और वॉटरप्रूफ जूते अवश्य साथ रखें क्योंकि यात्रा क्षेत्र में मौसम अप्रत्याशित है.
अपने सामान को भीगने से बचाने के लिए अपने कपड़े और खाने-पीने का सामान उपयुक्त वॉटर प्रूफ बैग में रखें.
इमरजेंसी पर्पस के लिए अपनी जेब में एक नोट अवश्य रखें जिसमें उसी तिथि को दर्शन के लिए जाने वाले किसी भी यात्री का नाम/पता, मोबाइल टेलीफोन नंबर हो.
अपना पहचन पत्र/ड्राइविंग लाइसेंस और यात्रा परमिट अपने साथ अवश्य रखें.
अमरनाथ यात्री क्या न करें || What Amarnath Pilgrims should not do
किसी भी रजिस्टर्ड यात्री को आरएफआईडी कार्ड के बिना यात्रा पर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
ऊंचाई पर होने वाली बीमारी के लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें.
शराब, कैफीनयुक्त पेय या धूम्रपान न करें.
चेतावनी नोटिसों से चिह्नित स्थानों पर न रुकें.
चप्पलों का प्रयोग न करें क्योंकि पवित्र गुफा के रास्ते में ऊंची-नीची ढलानें हैं. केवल लेस वाले ट्रैकिंग जूते ही पहनें.
मार्ग पर किसी भी शॉर्टकट का प्रयास न करें क्योंकि ऐसा करना खतरनाक होगा.
अपनी पूरी आगे/वापसी यात्रा के दौरान ऐसा कुछ भी न करें जिससे प्रदूषण हो या यात्रा क्षेत्र का पर्यावरण खराब हो. राज्य में प्लास्टिक का उपयोग सख्ती से प्रतिबंधित है और कानून के तहत दंडनीय है.
अमरनाथ यात्रा पर आवास ||Accommodation on Amarnath Yatra
अमरनाथ यात्रा मार्ग पर आवास विकल्प तीर्थयात्रियों की विविध आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं को पूरा करते हैं:
शिविर: श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड और निजी ठेकेदारों द्वारा प्रबंधित, पूर्वनिर्मित झोपड़ियों और निजी टेंट वाले शिविर तीर्थयात्रियों को उनकी यात्रा के दौरान आरामदायक स्टे ऑप्शन देता है. ये शिविर सभी के लिए एक सुरक्षित और सुखद अनुभव सुनिश्चित करते हुए आवश्यक सुविधाएं और सेवाएं प्रदान करते हैं.
तीर्थयात्रियों की आहार संबंधी आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं को पूरा करते हुए, अमरनाथ यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर भोजन और जलपान की सुविधाएं उपलब्ध हैं.
लंगर सेवाएं: खास जगहों पर आयोजित, लंगर सेवाएं तीर्थयात्रियों को मुफ्त भोजन करवाती हैं, जिससे भक्तों के बीच समुदाय और सौहार्द की भावना को बढ़ावा मिलता है.
चाय की दुकानें और रेस्टोरेंट: तीर्थयात्रा मार्ग पर चाय की दुकानें और छोटे रेस्टोरेंट हैं, जो तीर्थयात्रियों को उनकी ऊर्जा और उत्साह को फिर से भरने के लिए पौष्टिक भोजन और जलपान प्रदान करते हैं.
अमरनाथ यात्रा पर सुविधाएं || Facilities on Amarnath Yatra
तीर्थयात्रियों को उनके समग्र अनुभव को बढ़ाने और पूरी यात्रा के दौरान उनकी भलाई और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई सुविधाएं प्रदान की जाती हैं:
Medical aid Center: रास्ते के साथ, चिकित्सा सहायता केंद्र और आपातकालीन सहायता स्टेशन तीर्थयात्रियों को स्वास्थ्य सेवाएं देते हैं, किसी भी स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों या आपात स्थिति के लिए मदद करते हैं.
cloakroom facilities: तीर्थयात्री अपने सामान को सुरक्षित रूप से संग्रहीत करने के लिए खास स्थानों पर क्लोकरूम सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं, जिससे ट्रेक के दौरान सामान ले जाने का बोझ कम हो जाएगा.
transportation services: बसें और हेलीकॉप्टर तीर्थ स्थलों तक यात्रा की सुविधा मिलती हैं, जिससे तीर्थयात्रियों को अपनी आध्यात्मिक यात्रा शुरू करने के लिए परिवहन के सुविधाजनक और कुशल साधन उपलब्ध होते हैं.
communication facilities: बीएसएनएल कनेक्टिविटी तीर्थयात्रियों को यात्रा के दौरान अपने परिवारवालों के साथ जुड़े रहने और आवश्यक सेवाओं और सूचनाओं तक पहुंचने में सक्षम बनाती है, जिससे मन की शांति और सुरक्षा सुनिश्चित होती है.
अमरनाथ यात्रा टिप्स || Amarnath Yatra Tips
अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए कुछ आवश्यक यात्रा युक्तियाँ शामिल हैं:
शारीरिक स्वास्थ्य: नियमित व्यायाम और फिटनेस दिनचर्या में शामिल होकर ट्रेक के लिए शारीरिक फिटनेस और सहनशक्ति बनाए रखें.
हाइड्रेटेड रहें: हाइड्रेटेड और ऊंचाई की बीमारी से बचने के लिए यात्रा के दौरान खूब सारा पानी पीकर हाइड्रेटेड रहें.
दवाएं: आपात स्थिति के लिए आवश्यक दवाएं और प्राथमिक चिकित्सा किट ले जाएं, जिसमें दर्द निवारक, चक्कर की दवाएं और स्वास्थ्य देखभाल डॉक्टर द्वारा निर्धारित कोई भी प्रिस्क्रिप्शन दवाएं शामिल हैं.
सुरक्षा: यात्रा के दौरान अधिकारियों द्वारा दिए गए सुरक्षा दिशानिर्देशों और निर्देशों का पालन करें, जिसमें उचित ट्रैकिंग गियर पहनना और निर्दिष्ट ट्रैकिंग मार्गों और समय का पालन करना शामिल है.
अमरनाथ यात्रा के बारें मेंअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न ||FAQs about Amarnath Yatra
प्रश्न-1: अमरनाथ यात्रा क्या है?
उत्तर: यह जम्मू और कश्मीर में अमरनाथ गुफा की वार्षिक तीर्थयात्रा है, जो भगवान शिव को समर्पित है.
प्रश्न-2: यह कब होता है?
उत्तर: आमतौर पर जून या जुलाई में, हिंदू कैलेंडर के अनुसार, लगभग एक महीने तक चलता है.
प्रश्न-3: यात्रा कितनी लंबी है?
उत्तर: 3-5 दिनों में लगभग 36-48 किलोमीटर (28-30 मील).
प्रश्न-4: मार्ग कौन-कौन से हैं?
उत्तर: पहलगाम (लंबा, सुंदर) और बालटाल (छोटा, ढलान वाला).
प्रश्न-5: क्या यह शारीरिक रूप से कठिन है?
उत्तर: हाँ, अधिक ऊंचाई और भूभाग के कारण। शारीरिक तैयारी की सलाह दी जाती है.
प्रश्न-6: क्या सुरक्षा सावधानियां आवश्यक हैं?
उत्तर: श्राइन बोर्ड के साथ पंजीकरण करें, चिकित्सा जांच कराएं, उचित गियर ले जाएं और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें.
प्रश्न-7: क्या उम्र या स्वास्थ्य संबंधी कोई प्रतिबंध हैं?
उत्तर: हां, कठिन यात्रा के कारण उम्र और स्वास्थ्य स्थितियों के आधार पर प्रतिबंध लागू होते हैं.
प्रश्न-8: क्या आवास उपलब्ध है?
उत्तर: हां, लेकिन यह सीमित है, इसलिए पहले से बुकिंग करने की सलाह दी जाती है.
प्रश्न-9: गुफा का क्या महत्व है?
उत्तर: यहीं पर भगवान शिव ने अमरता का रहस्य प्रकट किया था और उन्हें शिव लिंग के रूप में पूजा जाता है.
प्रश्न-10: इसमें कौन से अनुष्ठान शामिल हैं?
उत्तर: प्रार्थना करना, आरती करना, प्रार्थना करना, दान करना और पवित्र अमरनाथ धारा में डुबकी लगाना.