नीमराना फोर्टः पहाड़ काटकर बनाया गया था ये किला, वीकेंड का Best Destination

दिल्ली एनसीआर जैसे बड़े शहरों में रहने वाले लोग अक्सर अपनी भाग दौड़ वाली ज़िन्दगी से निकल कर कुछ पल इत्मिनान से व्यतीत करना चाहते हैं। ऐसे में वीकेंड में मौज मस्ती और रिलैक्स होने के लिए वो आस पास की जगह तलाशते रहते हैं। कुछ लोग अच्छा खासा पैसा भी खर्च करते हैं कि किसी तरह अपने परिवार और दोस्तों के साथ कुछ चैन के पल मिल जाएं, जहां वो साथ मे मौज मस्ती भी कर सकें और कुछ नया अनुभव भी कर सकें। अगर आप भी उनमें से एक हैं तो आपकी इस चिंता का सलूशन हमारे पास है। आपके लिए वीकेंड अच्छे से बिताने का एक बेहतर विकल्प हो सकता है नीमराना किला।

दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित नीमराना किला एक पैलेस रिसोर्ट के रूप में इस्तेमाल किये जा रहे भारत के सबसे पुराने किलों में से एक है। ‘नीमराना’ राजस्थान के अलवर ज़िले का प्राचीन ऐतिहासिक शहर है जो दिल्ली से करीब 122 किलोमीटर की दूरी पर दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित है। यह इलाका अरावली की पहाड़ियों का क्षेत्र है। इन्ही पहाड़ियों में बसा है ख़ूबसूरत नीमराना का क़िला। इस क्षेत्र को अहीरवाल के नाम से भी जाना जाता है, ये 16वीं शताब्दी का वह स्थल है जहां चौहानो ने सन 1947 तक पहाड़ी क़िले पर कब्ज़ा कर राज किया था। 1986 में इसे एक पैलेस रेसोर्ट में तब्दील कर दिया गया।

‘गोल्डन ट्रायंगल’ के बीच बसे इस किले में लोगों की चहल पहल लगे रहने के बावजूद यहां काफ़ी शांति रहती है। इसलिए यहां आप अपना वीकेंड इत्मिनान से बिता सकते हैं। इस फोर्ट रिसोर्ट में अलग अलग नाम के शाही कामरे हैं जहां खूबसूरत नकाशी, आलीशान फर्नीचर के बीच आप ठाट से रह सकते हैं और रॉयल फ़ील कर सकते हैं । इन रूम्स का किराया 4500 रुपये से 30,000 रुपये तक है।

 

वैसे तो नीमराना किले में ही रूम बुक करा कर रहना अच्छा है लेकिन अगर आपकी जेब इसकी इजाज़त न देती हो तो इसका भी विकल्प हमारे पास है। नीमराना क़िले के बाहर दिल्ली-जयपुर हाईवे पर कई बेहतरीन होटल हैं जहां आपको वाजिब दाम में अच्छे रूम्स मिल जाएंगे। आप पूरा दिन नीमराना फ़ोर्ट में बिता कर रात को दूसरे होटल में ठहर सकते हैं।

 

नीमराना क़िला सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक खुला रहता है। विज़िटर्स के लिए एंट्री टिकेट 1900 रुपये है जिसमे आप पूरा फ़ोर्ट आराम से घूम सकते हैं लेकिन कुछ जगह सिर्फ़ इस फ़ोर्ट रेसोर्ट में रुके लोग ही इस्तेमाल कर सकते हैं बाकी विज़िटर्स के लिए वहां प्रवेश निषेध है। 1900 की टिकेट में आप क़िला घूमने के अलावा होटल के रेस्तरां में ज़ायकेदार बूफ़े लंच का लुत्फ उठा सकते हैं।

 

लंच में आपको पारंपरिक राजस्थानी पक्वानो के साथ कॉन्टिनेंटल ज़ायके भी मिल जाएंगे। यहां शाकाहारी और माँसाहारी दोनो के लिए लज़ीज़ पकवानों की बेहतरीन ऑप्शन है। लंच में स्टार्टर्स, मेन कोर्स और स्वीट डिश शामिल रहती है। हर एक डिश इतनी लज़ीज़ होती है कि आप अपनी उंगलियां चाटते रह जाएंगे।

फ़ोर्ट में देखने लायक चीज़ें

वैसे तो क़िले से देखने के लिए अरावली पहाड़ियों और नीमराना का नज़ारा बेहद खूबसूरत होता है लेकिन इन नज़ारों के अलावा भी आप यहाँ काफ़ी कुछ अनुभव कर सकते हैं। क़िले में की गई उस ज़माने की नक्काशी और कारीगरी देखने लायक है। उस ज़माने के कुछ यंत्र, फ़र्निचर, साज-सजावट का सामान आदि विज़िटर्स के देखने के लिए रख गया है। वहीं कुछ विंटेज बग्गियां और गाड़ियां भी लोगों के देखने के लिए रखी गयी हैं। आप अगर चाहें तो उन गाड़ियों में बैठ कर सैर भी कर सकते हैं लेकिन इसके लिए आपको अलग से 1000 रुपये खर्च करने होंगें। ड्राइवर आपको 5 किलोमीटर तक इलाके की सैर कराएगा और आप आराम से विंटेज गाड़ी की सवारी का मज़ा ले सकते हैं। राजस्थान में ऊँट की सवारी भी काफ़ी मशहूर है तो नीमराना में भी आप ऊँट की सवारी का रोमांच ले सकते हैं। आप फ़ोर्ट में मल्टी-मीडिया टूर भी ले सकते हैं जिसके ज़रिये आप इस क़िले के इतिहास को जान सकते हैं। इसके लिए 250 रुपये की टिकेट होती है।

अगर आपको हैंडीक्राफ़्ट और पारंपरिक कला का शौक है तो आपके लिए यहां क़िले के अंदर कुछ शोरूम और वर्कशॉप खुली हैं जहाँ से आप राजस्थानी चीज़े जैसे कपड़े, गहने, हेंडीक्राफ़्ट, हैंडलूम आदि की खरीददारी कर सकते हैं। फ़ोर्ट में एक स्विमिंग पूल और स्पा भी है जहां आप खुद को तरोताज़ा महसूस कर सकते हैं। अगर आप थोड़ा रोमांच चाहते हैं तो यहीं से ज़िप लाइनिंग टूर कर सकते हैं जो लगभग एक किलोमीटर की है। रोमांच प्रेमियों के लिए यह एक अच्छी चीज़ है। अरावली की पहाड़ियों में इस रोमांचक क्रीड़ा का अलग ही अनुभव है। आप निश्चित ही जोश-ख़रोश से भर जाएंगे। इन सबके अलावा यहां और भी बहुत कुछ है जिससे अपना वीकेंड और यादगार बना सकते हैं। रात के समय में खुली हवा में राजस्थानी लोकगीत और नृत्य का उठाते हुए स्वादिष्ट राजस्थानी डिनर आपको खूब आनंद देगा। इसके ज़रिये आप खुद को भारतीय संस्कृति के बेहद करीब महसूस करेंगे। इस क़िले की खूबसूरती और यहां का एकांत इस कदर लोगों को अपनी ओर खींचता है के यहां बहुत से लोग अपने इवेंट और पार्टी भी करवाते हैं तथा यह डेस्टिनेशन वैडिंग का भी केंद्र रहता है।

नीमराना क़िले में बिताए कुछ पल आपको भागदौड़ वाली ज़िन्दगी से बाहर ला कर तरोताज़ा कर देंगे और आपका सप्ताहांत यानी वीकेंड एक यादगार वीकेंड बन जायेगा।

पहाड़ी को काटकर बनाया गया है ये किला
ये किली 10 मंजिला है. बेहद विशाल इस किले को 3 एकड़ की अरावली पहाड़ी को काटकर निर्मित किया गया था. इसी वजह से इस महाल में नीचे से ऊपर की तरफ जाने से किसी पहाड़ को चढ़ने जैसा अहसास होता है. इस किले के अंदर की साज सजावट में आपको ब्रिटिश राज की छाप साफ तौर पर दिखाई देगी. इसमें अधिकतर कमरों की बालकनी बनाई गई थी जहां से आसपास का भव्य नजारा आप देख सकते हैं. यही नहीं, किले के वॉशरूम से भी आपको हरे भरे नजारे मिल जाएंगे.

नीमराना नाम की वजह
नीमराना को हिंदू सम्राट पृथ्वीराज चौहान के वंशजों ने अपनी राजधानी बनाया था. बता दें कि पृथ्वीराज चौहान की मुहम्मद गौरी के साथ आखिरी जंग 1192 में हुई थी और इसी जंग में चौहान राजा की मौत हो गई थी. इसी के बाद चौहान वंश के राजा राजदेव ने इस जगह को चुना. हालांकि यहां के निर्माता मियो नामक बहादुर शासक थे. चौहानों से जंग में हारने के बाद मियो ने अनुरोध कर इस जगह को उसके नाम पर करने को कहा, तभी से इसे नीमराना के नाम से जाना जाने लगा.

किस मौसम में जाएं नीमराना

हरियाली से घिरा नीमराना का मौसम वैसे तो साल भर ख़ुशनुमा रहता है और पर्यटकों को अपनी ओर साल भर आकर्षित करता है लेकिन सितंबर से मार्च तक का समय सबसे अच्छा है यहाँ घूमने के लिए।

टिकट

क़िला घूमने और बूफ़े लंच के लिए 1900 रुपये।

केवल क़िला घूमने के लिए 750 रुपये।

समय

नीमराना क़िला सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक ही खुला रहता है।

नीमराना फ़ोर्ट रिसोर्ट में कमरे का किराया

इस रेसोर्ट में कई तरह के रूम मिल जायेंगे। कमरों का एक रात का किराया लगभग 4500 रुपये से 30,000 रुपये तक है।

सस्ती डील पाने के लिए आप कईं वेबसाइट्स से ऑनलाइन बुकिंग करा सकते हैं जहां आपको अच्छा डिस्काउंट भी मिल जायेगा।

News Reporter

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