अयोध्या नगरी की ये 10 चीजें हैं बेहद खास, आपने देखा क्या?

आज चलते हैं भगवान श्रीराम की जन्मभूमि यानी की अयोध्या में। भगवान श्रीराम के नाम से गूंजती हुई अयोध्या बेहद ही खूबसूरत जगह है। यहां काफी दूर-दूर से श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए आते हैं। तो चलिए हम आपको लेकर चलते  हैं अयोध्या के अंदर। जहां आपको श्रीराम, सीता, लक्ष्मण और श्रीराम के बेहद खास हनुमान जी का भी दर्शन होगा। लेकिन अयोध्या घुमने से पहले जल्दी से जान लेते हैं अयोध्या नगरी की हिस्ट्री के बारे में-

कब से फेमस हुआ अयोध्या

भगवान विष्णु ने त्रेतायुग में भगवान राम के रूप में अयोध्या में जन्म लिया था। इसलिए हिन्दुओं की आस्था इस जगह से जुड़ी हुई है। साथ ही जैनियों के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव का जन्म भी अयोध्या में ही हुआ था। राम जी के जन्म होने के बाद से ही अयोध्या फेमस हो गया। यहां दूर-दूर से श्रद्धालु रामजन्मभूमि के दर्शन  के लिए आते हैं।

साथ ही यहां भगवान श्रीराम,सीता और लक्ष्मण 14 वर्ष का वनवास काटकर लौटे थे। जिसकी खूशी में हर साल दीवाली पर्व मनाया  जाता है।

क्या-क्या घूमा जाए अयोध्या में-

  • कनक भवन
  • हनुमानगढ़ी
  • श्रीराम जन्मभूमि
  • सीता की रसोई
  • नागेश्वर नाथ मंदिर
  • राम की पेड़ी
  • दशरथ भवन
  • गुप्तार घाट
  • सरयू नदी
  • तुलसी स्मारक भवन म्यूजियम

अब जल्दी-जल्दी बताते हैं आपको इन सभी जगहों के बारे में-

श्रीराम जन्मभूमि-  अयोध्या में ये वो जगह है जहां दशरथ के बेटे श्री राम भगवान ने जन्म लिया था।

कनक भवन- इसे सोने की मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। कनक भवन को कैकीय ( दशरथ की धर्मपत्नी) ने सीता जी को  मुंह दिखाई में दिया था।

हनुमान गढ़ी-जहां-जहां श्रीराम वहां बसे है हनुमान। 67 सीढ़ियों की चढ़ाई करने के बाद आपको मिलेगा हनुमान जी के सबसे छोटे रूप पवनपुत्र का दर्शन

सीता की रसोई- यहां प्रतीकात्मक रसोई के बर्तन रखे हैं जिनमें रोलिंग प्लेट और बेलन रखे हुए है।

राम की पैड़ी- ये सरयू नदी के तट पर घाटों की एक श्रृंखला है। उद्दान एंव जलाशय यहां के आकर्षण हैं। खासकर पूर्णिमा की रात में यहां बहुत सुंदर नजारा होता है।

सरयू नदी-अयोध्या के पास बहने वाली नदी है।जो बलिया और छपरा के बीच में गंगा में मिल जाती है।

नागेश्वर नाथ मंदिर- यह मंदिर राम की पैढ़ी पर स्थित है। मंदिर भगवान शंकर को समर्पित है। कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण भगवान श्री राम के छोटे बेटे कुश ने करवाया था।

दशरथ भवन- ये भवन अयोध्या के बीचों-बीच में बना है। ऐसा माना जाता है कि इस भवन को ठीक उसी जगह बनाया गया है जहां राजा का असली निवास हुआ करता था।

गुप्तार घाट- सरयू नदी के तट पर स्थित इस घाट के विषय में मान्यता है कि इस पवित्र घाट पर भगवान राम ने जल समाधि ली थी। घाट के पास गुप्तहरि का मंदिर बना हुआ है । साथ ही गुप्तार घाट से एक मील की दूरी पर निर्मली कुंड भी है।

तुलसी स्मारक भवन म्यूजियम-भवन के अंदर ‘अयोध्या खोज संस्थान’, अयोध्या अनुसंधान केंद्र जैसे स्थान है। यहां एक पुस्तकालय, रामायण कला और शिल्प की एक स्थायी प्रदर्शनी भी है।

ये तो हुई अयोध्या के अंदर की बात। अब आपको बताते हैं कि कैसे पहुंचा जाए अयोध्या तक-

वायु मार्ग-

अयोध्या के सबसे पास एयरपोर्ट लखनऊ में है जोकि लगभग 140 किलोमीटर की दूरी पर है। यह एयरपोर्ट देश के बड़े शहरों से कई अलग-अलग फ्लाइटों के माध्यम से जुड़ा है।

 रेल मार्ग-

फैजाबाद अयोध्या से पास का मुख्य रेलवे स्टेशन है। यह रेलवे स्टेशन मुगल सराय-लखनऊ लाइन पर बना है। यूपी और देश के कई शहरों से यहां पहुंचा जा सकता है। बता दें कि यहां से बस्ती, बनारस और रामेश्वर के लिए सीधी ट्रेने जाती हैं।

सड़क मार्ग-

उत्तर प्रदेश सड़क परिवहन निगम की बसें लगभग सभी प्रमुख शहरों से अयोध्या के लिए चलती हैं। राष्ट्रीय और राज्य राजमार्ग से अयोध्या जुड़ा हुआ है।

खास बात-

अयोध्या में हर साल तीन मेले लगते हैं। ये मेले मार्च, अप्रैल-अगस्त और अक्टूबर-नवंबर के महीनों में लगते हैं। इस दौरान यहां लाखों की तदाद में यात्री आते हैं।

कुछ ट्रेनें जो आपकी अयोध्या जाने में मदद कर सकती हैं-

-दून एक्सप्रेस

-फरुखा एक्सप्रेस

-सरयू यमुना एक्सप्रेस

-कवि गुरू एक्सप्रेस

-जम्मू तवी एक्सप्रेस

-साबरमती एक्सप्रेस

-मरुधर एक्सप्रेस

News Reporter

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