ईरान और इराक की वो तस्वीरें, जो भारतीयों की नजर से दूर हैं

इराक (iraq) …को पहले सद्दाम ने…फिर अमेरिका ने और फिर आईएसआईएस ने बर्बाद कर दिया है. इराक (iraq) में बेहद ग़रीबी है. उसी के पड़ोस में स्थित ईरान (Iran) एक बहुत ही ख़ूबसूरत मुल्क है. सफ़ाई तो जैसे यहाँ हर इंसान के दिमाग़ में बसी है. दुकानों पर धोखाधड़ी नहीं है. बहुत मामूली लाभ लेकर सामान बेचा जाता है. यहाँ के लोग अमेरिका को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानते हैं. ईरान (Iran) अपनी विकसित की गई इकॉनमी पर ज़िंदा है. अमेरिकी पाबंदियाँ यहाँ मुँह चिढ़ाती नज़र आती हैं. यहाँ पर फ़ेसबुक, गूगल, यूट्यूब, इंस्टाग्राम समेत तमाम सोशल मीडिया साइट बैन है. वाट्सऐप खुला हुआ है. यहाँ इनकी अपनी सोशल मीडिया साइट्स हैं. इराक़ और ईरान में भारतीयों की बहुत इज़्ज़त है. दुकानदार फ़ौरन डिस्काउंट देते हैं अगर आपने बताया कि आप भारत से आए हैं. भारत के लोगों को यहां हिंदी बोला जाता है.

बेबीलोन...दूसरा नाम बाबुल...मेसोपोटामिया सभ्यता के दौरान यह पूरा शहर था। जिसकी चंद निशानियाँ यहाँ मौजूद हैं। यहीं पर दुनिया के आश्चर्य में शामिल हैंगिंग गार्डन भी है। यह जगह बग़दाद से नज़दीक है। सद्दाम हुसैन ने यहाँ महल बनाने की कोशिश की थी, लेकिन वह जगह भी अब इतिहास में दर्ज है।
बेबीलोन…दूसरा नाम बाबुल…मेसोपोटामिया सभ्यता के दौरान यह पूरा शहर था। जिसकी चंद निशानियाँ यहाँ मौजूद हैं। यहीं पर दुनिया के आश्चर्य में शामिल हैंगिंग गार्डन भी है। यह जगह बग़दाद से नज़दीक है। सद्दाम हुसैन ने यहाँ महल बनाने की कोशिश की थी, लेकिन वह जगह भी अब इतिहास में दर्ज है।
हिल्ला...इराक़...ऐतिहासिक रद्द-ए-शम्स मस्जिद भी यहीं पर है। हिल्ला की खजूर काफ़ी मशहूर है।
हिल्ला…इराक़…ऐतिहासिक रद्द-ए-शम्स मस्जिद भी यहीं पर है। हिल्ला की खजूर काफ़ी मशहूर है।
यह सड़क मौसूल को जाती है...62 किलोमीटर की दूरी पर बसा मौसूल अभी भी आईएसआईएस आतंकवादियों से पूरी तरह ख़ाली नहीं हुआ है।
यह सड़क मौसूल को जाती है…62 किलोमीटर की दूरी पर बसा मौसूल अभी भी आईएसआईएस आतंकवादियों से पूरी तरह ख़ाली नहीं हुआ है।
सामरा ...या सामर्रा का चौक...यह शाम के वक़्त लिया गया फ़ोटो है। यहाँ पर शिया मुसलमानों के ग्यारहवें इमाम का रोज़ा है। इस रोज़े की सुरक्षा इराक़ के एक बड़े राजनीतिक नेता मुक्तदा अल सद्र की आर्मी संभालती है। जिस दिन हम यहाँ थे, उसी दिन यहाँ से कुछ दूरी पर आईएसआईएस आतंकियों ने पन्द्रह लोगों की हत्या कर दी थी।
सामरा …या सामर्रा का चौक…यह शाम के वक़्त लिया गया फ़ोटो है। यहाँ पर शिया मुसलमानों के ग्यारहवें इमाम का रोज़ा है। इस रोज़े की सुरक्षा इराक़ के एक बड़े राजनीतिक नेता मुक्तदा अल सद्र की आर्मी संभालती है। जिस दिन हम यहाँ थे, उसी दिन यहाँ से कुछ दूरी पर आईएसआईएस आतंकियों ने पन्द्रह लोगों की हत्या कर दी थी।
ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल काजमैन...पुराने लखनऊ में भी इसी नाम की एक जगह है लेकिन असली काजमैन यही है।
ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल काजमैन…पुराने लखनऊ में भी इसी नाम की एक जगह है लेकिन असली काजमैन यही है।
मशहद...ईरान में एक ऐतिहासिक जगह।
मशहद…ईरान में एक ऐतिहासिक जगह।
कर्बला...इराक़ में इमाम हुसैन के रोज़े का बाहर से लिया गया फ़ोटो। सुरक्षा कारणों से अंदर कैमरा या मोबाइल ले जाने की इजाज़त नहीं है।
कर्बला…इराक़ में इमाम हुसैन के रोज़े का बाहर से लिया गया फ़ोटो। सुरक्षा कारणों से अंदर कैमरा या मोबाइल ले जाने की इजाज़त नहीं है।
अोमान की खाड़ी का शानदार नज़ारा। यह जगह मस्कट शहर है।
अोमान की खाड़ी का शानदार नज़ारा। यह जगह मस्कट शहर है।
मस्कट एयरपोर्ट दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनैशनल एयरपोर्ट की ही तरह बहुत ख़ूबसूरत है।
मस्कट एयरपोर्ट दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनैशनल एयरपोर्ट की ही तरह बहुत ख़ूबसूरत है।
इराक़ में छोटे शहरों के बाज़ार भारत जैसे ही हैं।
इराक़ में छोटे शहरों के बाज़ार भारत जैसे ही हैं।
कर्बला ...इराक़...जहाँ क़दम क़दम पर इतिहास है। मौजूदा वक़्त में अगर जन्नत की कल्पना की जाए तो वो यहीं है। कर्बला की ख़ूबसूरती के लिए शब्द कम पड़ जाएँगे।
कर्बला …इराक़…जहाँ क़दम क़दम पर इतिहास है। मौजूदा वक़्त में अगर जन्नत की कल्पना की जाए तो वो यहीं है। कर्बला की ख़ूबसूरती के लिए शब्द कम पड़ जाएँगे।
कर्बला...इराक
कर्बला…इराक
वादी-ए-सलाम...नजफ़ (इराक़) में है एशिया का सबसे बड़ा क़ब्रिस्तान...
वादी-ए-सलाम…नजफ़ (इराक़) में है एशिया का सबसे बड़ा क़ब्रिस्तान…
ये हैं खुमैनी साहब...जिन्होंने ईरान में इस्लामिक क्रांति को अंजाम दिया था। इनका फ़ोटो आपको इराक़ और ईरान के हर घर, दफ़्तर, दुकान और होटलों में मिलेगा।
ये हैं खुमैनी साहब…जिन्होंने ईरान में इस्लामिक क्रांति को अंजाम दिया था। इनका फ़ोटो आपको इराक़ और ईरान के हर घर, दफ़्तर, दुकान और होटलों में मिलेगा।
कर्बला...इराक
कर्बला…इराक
ईरान की ऐतिहासिक मस्जिद जामकरान...
ईरान की ऐतिहासिक मस्जिद जामकरान…
तेहरान एयरपोर्ट (इमाम खुमैनी इंटरनैशनल एयरपोर्ट) पर हमारे साथ (सफ़ेद शर्ट) अहमद भाई...यह हमारे कुक थे। जिन्होंने पूरे सफ़र के दौरान भारतीय खाना खिलाने में कोई कोताही नहीं की। इनका साथ इसलिए ज़रूरी था कि लंबे समय तक आप इराक़ या ईरान का खाना नहीं खा सकते।
तेहरान एयरपोर्ट (इमाम खुमैनी इंटरनैशनल एयरपोर्ट) पर हमारे साथ (सफ़ेद शर्ट) अहमद भाई…यह हमारे कुक थे। जिन्होंने पूरे सफ़र के दौरान भारतीय खाना खिलाने में कोई कोताही नहीं की। इनका साथ इसलिए ज़रूरी था कि लंबे समय तक आप इराक़ या ईरान का खाना नहीं खा सकते।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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